गीत (मैथिली भाषा)


धीरेन्द्र प्रेमर्षि

शब्दक फूल लेढिक अक गीत गमगमा दी
सङ्गीतक ओहार तर स्वरक सचार लगा दी

 

कविता हमर अहीं छी आ साधना अहीं छी
पूज्या हमर अहीं छी आराधाना अहीं छी
परसैत निश्चल भावना विश्वास गजमगा दी

 

सुख सौरभ गौरवमे चाहे जते दहाइ
अहींक हिय–सागरमे लेकिन सदा नहाइ
अरमत अन्हार जीवनमे इजोतक प्रीत जगा ली

 

अमोल अनेस सृष्टिक आ सृष्टिओ अहीं छी
हम्मर दृष्टिक गन्तव्य आ ई दृष्टिओ अहीं छी
तरबा तरसँ उठा माथा तिलक लगा ली
साभार : राष्ट्रिय भाषाका कविताहरु, २०५०, नेपाल राजकीय प्रज्ञा–प्रतिष्ठान

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